इंदौर: आईडीए की बोर्ड बैठक में शहर में यातयात सुधार करने हेतु दो फ्लाई ओवर ब्रिज और मास्टर प्लान की ढाई सौ फीट चौड़ी नई सड़क की स्वीकृति दी गई. इसके साथ ही आईडीए बोर्ड बैठक में सुपर कॉरिडोर पर योजना 172 का विकास, गैर योजना मद के विकास कार्यों 177 करोड़ राशि और योजना 97 पार्ट 2 को 34 करोड़ से विकसित करने के निर्णय पर मंजूरी दी गई.
आईडीए बोर्ड बैठक में रेडिसन चौराहे और रोबोट चौराहे पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 170 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई. उक्त दोनों फ्लाई ओवर ब्रिज के बनने से शहर में यातायात जाम सद निजात मिलेगी. साथ बायपास से एमआर-10, उज्जैन रोड और सुपर कॉरिडोर का सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. वहीं रोबोट चौराहे पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण से रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी. आईडीए बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान एमआर-09 सड़क के निर्माण 6.56 करोड़, गैर योजनामद में विकास हेतु 177.33 करोड़, योजना क्रमांक 97 भाग-2 का विकास कार्य का 34 करोड़ का टेंडर को मंजूरी दी गई. बैठक में बोर्ड अध्यक्ष एवं संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, पीडब्ल्यूडी मुख्य अभियंता योगेन्द्र कुमार, एमपीईबी मुख्य अभियंता राजेशचन्द्र जैन, टीएनसीपी अपर संचालक शुभाशीष बेनर्जी, पीएचई अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार उदिया, अधीक्षण यंत्री, आईडीए सीईओ डॉ. परिक्षित झाड़े उपस्थित थे।
इन प्रस्तावों की भी दी स्वीकृति
इसके अलावा आईडीए की विभिन्न योजनाओं में फ्लैट, आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों को बेचने के लिए दर निर्धारण पर स्वीकृति हुई. इसके बाद आईडीए नए दरों पर प्लॉटों और फ्लैट के टेंडर जारी करेगा. बोर्ड बैठक में योजना 54 में मेघदूत के पास जमीन पर विकास एवं कंसल्टेंट के लिए 15 करोड़ रुपए, अहिल्योत्सव समिति को इस साल अनुदान के 8.00 लाख रुपए भुगतान एवं शहर में गणेश विसर्जन चल समारोह की झांकियों हेतु पांचों मिलों को तीन – तीन लाख रुपए सहयोग राशि देने पर स्वीकृति दी गई.
एयरपोर्ट के पास योजना 172 में एरोसिटी का विकास
आईडीए बोर्ड बैठक में आज सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शहर को मास्टर प्लान के तहत ढाई सौ फीट चौड़ी सड़क मंजूरी की सौगात मिली है. सुपर कॉरिडोर में एयरपोर्ट की जोड़ने वाली उक्त सड़क 1.5 किलोमीटर लंबी और 52 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी. इसके साथ ही टीसीएस और इन्फोसिस की जमीन के बदले तो मिली जमीन पर योजना 172 में 240 करोड़ रुपए की लागत से एरोसिटी विकसित की जाएगी. इससे एयरपोर्ट के पास होटल और मॉल जैसे बड़े निवेश क्षेत्र बनने से सुविधाओं का विस्तार होगा
