
उज्जैन। केडी गेट चौराहे पर कार्रवाई के दौरान दो बुलडोजर लगाए गए। बोहरा समाज की मस्जिद का करीब 20 फीट हिस्सा हटाया गया। शुरुआत में समाजजनों की ओर से विरोध किया गया, नगर निगम अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया और इसके बाद कार्रवाई पूरी की गई।सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सडक़ चौड़ीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर मंगलवार को केडी गेट चौराहे पर बोहरा समाज की कमरुबाग मस्जिद का चौड़ीकरण की जद में आया हिस्सा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान नगर निगम का अमला और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मेला अधिकारी और संभाग आयुक्त आशीष सिंह, नगरी आयुक्त अभिलाष मिश्रा लगातार सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। महाकाल की पांचवीं सवारी पूर्ण होने के बाद शहर में विकास कार्यों ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। अब चौड़ीकरण में बाधक बन रहे धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सिंहस्थ के दौरान शहर में लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों का दबाव बढऩे की संभावना है। इसे देखते हुए प्रमुख मार्गों और चौराहों को चौड़ा कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत आने वाले दिनों में चौड़ीकरण की जद में आ रहे अन्य धार्मिक स्थलों पर भी कार्रवाई हो सकती है। केडी गेट क्षेत्र में मदीना मस्जिद का करीब 5 फीट हिस्सा भी चौड़ीकरण की सीमा में आ रहा है। समाजजनों ने प्रशासन से स्वयं हिस्सा हटाने के लिए समय मांगा है। बताया गया है कि कार्रवाई से पहले संबंधित धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 7 सितंबर को बाबा महाकाल की शाही सवारी निकलने वाली है। इसके पहले शहर में चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों को गति देने की तैयारी है।
शाही मस्जिद का हिस्सा हटेगा
गोपाल मंदिर पर जहां रीगल टॉकीज हटाकर कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है उसके ठीक पास में शाही मस्जिद का बड़ा हिस्सा हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं, कई दुकाने अतिक्रमण की जद में पाई गई उन्हें भी हटाया जाएगा। हालांकि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से निर्माण हटाने के लिए सहयोग करने की बात कही है, कुछ दुकान खाली भी हो गई है शाही मस्जिद के आगे पीछे भी बड़ी संख्या में अवैध निर्माण अतिक्रमण हो चुका है उसे भी हटाया जाएगा और शाही सवारी के बाद में यहां पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई होगी वहीं खड़े हनुमान मंदिर का मसला भी हल हो चुका है। वैशाली गणेश मंदिर और हनुमान मंदिर पानी की टंकी वाले स्थान पर विधि विधान से शिफ्ट होंगे।
