
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख मतदाता बढ़े और अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.07 करोड़ मतदाता मसौदा सूची से बाहर हैं। पश्चिम बंगाल में एसआईआर में काटे गए नामों में से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव के समय ये मतदाता क्या भाजपा को जिताने के लिए हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि अब यही खेल दिल्ली में दोहराया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के पहले मतदाता बढ़ाए गए, फिर 47.56 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से गायब हैं और 33 लाख अन्य मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी है।
श्री खरगे ने कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक में भी कांग्रेस कार्यकर्ता इसी तरह की चालबाजी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा का यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा क्योंकि वोट चोरी के खिलाफ देश अब एकजुट हो रहा है और भाजपा की साजिश को देश समझ चुका है। उन्होंने कहा, “चोर पकड़ा गया है, लोकतंत्र को बंदी बनाने की सजा जरूर मिलेगी।”
श्री गांधी ने चुनाव आयोग को ‘वोट चोरी आयोग’ बताते हुए कहा है कि भाजपा और ‘वोट चोरी आयोग’ के तरीके बदलते रहते हैं और बदलते रहेंगे लेकिन मकसद एक ही है कि किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत और भारत के लोकतंत्र का अंत। उन्होंने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता जोड़े जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब 2026 के एसआईआर में 2.07 करोड़ मतदाताओं को मसौदा सूची से बाहर कर दिया गया है, यानी हर पांचवां मतदाता। उन्होंने कहा “लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में 9.29 करोड़, विधानसभा चुनाव 2024 में 9.7 करोड़ और एसआईआर 2026 में 7.78 करोड़ मतदाता हैं। सवाल है कि कौन सी सूची सही थी। वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता जरूरी नहीं है यही कारण है कि भाजपा न जनता की सुनती है और न उनके आदेश को मानती है।”
