ग्वालियर: रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में करीब 535 करोड़ रूपये खर्च किये जा रहे हैं। लेकिन उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन को अगले 40 वर्षो की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके उलट है। अदूरदर्शी प्लानिंग के चलते यह प्रोजेक्ट यात्रियों के लिये नयी परेशानियां बढ़ाता जा रहा है।
वर्तमान में ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर हर रोज 60-65 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। जो अगले 40 वर्षो में बढ़कर 1.50 लाख प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान है। यात्रियों के बढ़ते दबाव के बाद भी रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने पार्किंग एरिया का बढ़ाने के बजाय कम एरिया में समेट दिया है। पहले तो फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की सीढि़यों की चौड़ाई घटाकर यात्रियों का रास्ता रोका। अब वाहन पार्किंग एरिया छोटा करने पर अधिकारियों की प्लानिंग पर प्रश्न खड़े हो रहे है।
इससे प्लेटफार्म नम्बर 1 के बाहर बनी रेलवे की पार्किंग वर्तमान में आने-जाने वाले यात्रियों के वाहनों का लोड नहीं झेल पायेगी। इस मामले को लेकर एक्सपर्ट ने पार्किंग एरिया को नाकाफी बताया है। अधिकारियों की पार्किंग और संकरी सीढियों का लेकर प्लानिंग पर प्रश्न उठ रहे हैं। स्टेशन पर वाहनों की संख्या के अनुसार पर्याप्त और व्यावहारिक एरिया का आवंटन सुनिश्चित करना था और रेलवे के मानकों के अनुसार पार्किंग की क्षमता बढ़ानी थी
