कांगड़ा, 30 अगस्त (वार्ता) हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) के कामकाज की तारीफ़ करते हुए कहा कि निगम ने कर के बाद सात हजार करोड़ का मुनाफ़ा कमाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
श्री शांता कुमार ने कहा कि ऐसे समय में जब ज़्यादातर सरकारी निगम घाटे में चल रहे हैं और कुछ ही मुनाफ़ा कमा पा रहे हैं, आईआरएफसी ने वित्तीय प्रदर्शन और मुनाफ़ा कमाने के मामले में एक मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वर्ष में निगम ने कर के बाद सात हजार करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफ़ा कमाया। इसने अपनी संपत्ति को भी बढ़ाकर 85,000 करोड़ रुपये कर लिया और ज़ीरो-एनपीए का रिकॉर्ड बनाया, जिसे उन्होंने निगम के लगभग 40 साल के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार दुबे के नेतृत्व को दिया, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में निगम के सीएमडी का पद संभाला और तब से कंपनी को ‘नवरत्न’ का दर्जा दिलाने में मदद की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे खास बात यह है कि निगम ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए ज़ीरो एनपीए का स्तर बनाए रखा। इसका पूंजी पर्याप्तता अनुपात 110.91 प्रतिशत रहा, जो निगम द्वारा हासिल किए गए सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है।
श्री शांता कुमार ने कहा कि निगम के प्रदर्शन को देखते हुए इस साल रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर रिकॉर्ड बोनस दिया गया।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के तहत आईआरएफसी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सभी को गर्व महसूस कराएगी।
श्री शांता कुमार ने केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया कि वे श्री मनोज कुमार दुबे और निगम को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित करें।
