
छिंदवाड़ा. रक्षाबंधन के दूसरे दिन भुजलिया उत्सव बड़ी धूम धाम से मनाया गया. छोटी बाजार में स्थित बड़ी माता मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद आल्हा उदल और प्रथ्वीराज चौहान की सैना छोटी बाजार की ओर निकली. बड़ा तालाब में इस यात्रा का समापन किया गया.बता दे कि भुजलिया त्योहार को विशेष महत्व माना गया है. इसके लिए घरों में करीब एक सप्ताह पूर्व भुजलिया बोई जाती हैं. इस दिन भुजलिया को कुओं, ताल-तलैयों आदि पर जाकर निकालकर सर्व प्रथम भगवान को भेंट किया जाता है. इसके बाद लोग एक दूसरे से भुजलिया बदलकर अपनी गिले शिकवे भुलाकर गले मिलते हैं. रूठों को मनाने और नए दोस्त बनाने के लिए भी इस महोत्सव का विशेष महत्व है. छिंदवाड़ा शहर में भी भुजलिया त्योहार बड़े धूम-धाम के साथ मनाई जाती है. आज दोपहर बड़ी माता मंदिर में पूजापाठ करने के बाद छोटी बाजार से भुजलिया विर्सजन के लिए निकाली गई.
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर निकला जुलूस ००००००००००
बता दे कि बड़ी माता मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद भुजलिया उत्सव समिति द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया. इस जुलूस में आल्हा उदल और पृथवीराज चौहान की सेना के साथ प्रथ्वीराज चौहान की सेना भी निकली. यह जुलूस छोटी बाजार से निकलकर गणेश चौक, पुराना पावर हाउस, गोलगंज, राज टॉकिज, आजाद चौक, बरबला चौक से होता हुआ बड़ा तालाब पहुंचा जहां आल्हा-उदल और प्रथ्वीराज चौहान की सेना के बीच जमकर युद्ध हुआ. यहां पर अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. छोटी बाजार से आल्हा उदल और प्रथ्वीराज चौहान की सेना शहर का भ्रमण करने के बाद बड़ा तालाब पहुंची जहां आल्हा उदल और प्रथ्वीराज चौहान के योद्धाओं ने जमकर पराक्रम दिखाया. दोनों की सेनाओं की बीच युद्ध किया गया. योद्धाओं का युद्ध देखने के लिए शहर के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
