
नयी दिल्ली 29 अगस्त (वार्ता) रेलवे उन्नत, पर्यावरण अनुकूल और नागरिक-केंद्रित अवसंरचनाओं का निर्माण करने दिशा में रोज नयी कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के अहमदाबाद और महाराष्ट्र के भिवंडी के रेलवे की अवसंरचना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। यह वीडियो नवाचार की कार्यक्षमता, सुरक्षा और स्थिरता को प्रदर्शित कर रहे हैं। रेलवे ने कहा है कि रेल कारखाना में बने प्रीकास्ट आरसीसी तकनीक और एडवांस्ड हाइड्रोलिक पुशिंग तरीकों को अपनाकर आधुनिक अवसंरचना के क्षेत्र में रोज नये कीर्तिमान स्थापित किये जा रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रीकास्ट आरसीसी तकनीक एक ऐसी आधुनिक निर्माण विधि है जिसमें कंक्रीट के घटकों (जैसे बीम, कॉलम और स्लैब) को निर्माण स्थल पर ले जाने से पहले किसी नियंत्रित फैक्ट्री या संयंत्र में सांचों में तैयार और मजबूत किया जाता है। वहीं, एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो भारी वस्तुओं को उठाने, खिसकाने, और मोड़ने के लिए असंपीड़ित द्रव और पास्कल के नियम का उपयोग करती है।
रेलवे के अनुसार अहमदाबाद में पश्चिम रेलवे की निर्माण इकाई ने कारखाना में बने प्रीकास्ट आरसीसी बॉक्स का उपयोग करके पैदल यात्रियों के लिए भूमिगत मार्ग बनाया है, जिसमें 14 प्रीकास्ट सेगमेंट के साथ 21 मीटर की बैरल लंबाई है। इसे कट-एंड-कवर विधि के माध्यम से महज आठ घंटे में रात के समय में पूरा किया गया था। इसबॉक्स की पोस्ट-टेन्शनिंग, स्वेलिंग गैस्केट, डिंपल बोर्ड, एसएसबी मेम्ब्रेन के साथ वॉटरप्रूफ़िंग का इस्तेमाल किया गया है। । वहीं, महाराष्ट्र में पनवेल-वसई रेलखंड पर सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ़ पैदल यात्री मार्ग बनाय गया है। इसके निर्माण में चार बड़े प्रीकास्ट आरसीसी सेगमेंट के साथ हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीकों का उपयोग किया गया है। साथ कई सीलिंग लेयर और सुरक्षात्मक मेम्ब्रेन के साथ विशेष वॉटरप्रूफ़िंग का भी उपयोग किया गया है।
