जावर। दूधी नदी के संरक्षण और ग्रामीण विकास को लेकर कुरावर में वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया. विशेषज्ञों ने नदी संरक्षण को जल प्रबंधन, कचरा निस्तारण, ऊर्जा, कृषि और रोजगार से जोड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया.
दक्षिण कोरिया से जुड़े सीनियर रिसर्चर डॉ. आकाश पटेल, वैज्ञानिक डॉ. सत्यम मिश्रा और डॉ. राजकुमार मालवीय ने ग्रामीणों को स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी. डॉ. आकाश पटेल ने सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, पौधरोपण और ठोस कचरा प्रबंधन के जरिए आत्मनिर्भरता का मॉडल समझाया. राजकुमार मालवीय ने कहा कि दूधी नदी को बचाने का अभियान केवल नदी तक सीमित नहीं होना चाहिए.दूधी में सिर्फ पानी नहीं, गांव का भविष्य बहता है. गोबर, फूड वेस्ट और कृषि अवशेषों से बायोगैस व जैविक खाद तैयार कर कचरे की समस्या कम करने के साथ आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं. सरपंच सुमित्रा देवी ने अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में प्राचार्य, पंचायत सचिव गजेन्द्र सिंह ठाकुर, समाजसेवी राधेश्याम मंडलोई सहित ग्रामीण मौजूद थे.
