पांढुरना:बिहार से भागकर आए नाबालिग लड़का ,लडक़ी को पांढुरना स्टेशन पर रेलवे पुलिस द्वारा पकड़ इन्हें बैतूल के बाल सुधार गृह में सुरक्षित रख परिजनों को इसकी सूचना दी हैं, जिनके आते ही इन नाबालिग बच्चों को इनके परिजनों को सौप दिया जाएंगा ।रेलवे पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बिहार से अपने-अपने घरों से भागे एक नाबालिग लड़का, लड़की की परिजनों द्वारा बिहार के पुलिस में दर्ज की गई रिपोर्ट के बाद पुलिस द्वारा इनकी सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई हैं, वहीं इस नाबालिग बालक एवं बालिका को पांढुरना रेलवे की जीआरपी एवं आरपीएफ पुलिस की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर इन दोनों को पांढुरना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पकड़ लिया ।
बीते दिनों पांढुरना रेलवे स्टेशन पर एक नाबालिग बालक एवं एक नाबालिग बालिका को संदिग्ध अवस्था में घूम रहे थे,जिन्हें देख जीआरपी के प्रधान आरक्षक सुरेश इवनाते एवं आरक्षक प्रकाश तिवारी तथा आरपीएफ के प्रधान आरक्षक बी.पी. शेटे के साथ संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर में उक्त नाबालिग बालक एवं बालिका को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। महिला सफाईकर्मी पलक की उपस्थिति में नाबालिग बालिका से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम कविता कुमारी, बिहार बताया।
इसी प्रकार नाबालिग बालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रोहित उर्फ बिट्टू, बिहार, बताया।
तत्पश्चात जीआरपी पांढुर्णा स्टाफ द्वारा नाबालिग बालक के मोबाइल फोन के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क कर दोनों नाबालिगों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। परिजनों द्वारा बताया गया कि उक्त दोनों नाबालिग बिना किसी को सूचित किए अपने घर से चले गए हैं। इस संबंध में बिहार के दो थानों थाना नुआव ,थाना रामगढ़, जिला कैमूर, बिहार में अपराध पंजीबद्ध होना ज्ञात हुआ।
इन दोनों नाबालिग बच्चों को पांढुरना से आमला रेलवे पुलिस के मुख्य थाने ले जाया गया,जहां से नाबालिग बालिका को जीआरपी की महिला आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक सुरेश इवनाते के साथ आवश्यक अग्रिम कार्यवाही हेतु बैतूल रवाना किया गया जहां नाबालिक बालिका को बैतूल जिले के महिला केंद्र में सुरक्षित रखा गया।
वहीँ नाबालिग बालक को जीआरपी स्टाफ द्वारा जीआरपी थाना आमला में पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया इन दोनों नाबालिक बालिका एवं बालक को परिजन एवं बिहार पुलिस के आने पर उन्हें सकुशल सुपुर्द किया जाएंगा ।
