
मंदसौर। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ जिला शाखा मंदसौर द्वारा ‘सेवा प्रवर्त शिक्षक सम्मान एवं वृहद जिला शिक्षक सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, शिक्षक सम्मान, राष्ट्र निर्माण एवं शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर वक्ताओं ने विचार रखे। समारोह में 25 उत्कृष्ट एवं सेवाभावी शिक्षकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ। अतिथि परिचय संभागीय अध्यक्ष शंकरलाल आंजना ने कराया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा जिलाध्यक्ष विक्रम शर्मा ने प्रस्तुत की। समारोह में सांसद सुधीर गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, विधायक श्री विपिन जैन, प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता, प्रांतीय मीडिया सह प्रभारी रामचंद्र मालवीय सहित संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों को केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक का सम्मान वास्तव में ज्ञान, शिक्षा और संस्कार का सम्मान है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक जितना सशक्त और सम्मानित होगा, देश की शिक्षा व्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी।
प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने कहा कि सेवानिवृत्ति सरकारी सेवा से होती है, शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उसका सामाजिक दायित्व जीवनभर बना रहता है। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता, टीईटी, अतिथि शिक्षक, चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान, महंगाई भत्ता, अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन एवं व्यावसायिक शिक्षकों सहित विभिन्न विषयों को लेकर शासन स्तर पर लगातार संवाद किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक आंदोलन भी किया जाएगा।
विधायक विपिन जैन ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्यावहारिक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार के समक्ष लगभग एक से डेढ़ घंटे की समय-छूट का सुझाव रखने की बात कही।
प्रांतीय महामंत्री राकेश गुप्ता ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल कर्मचारी हित तक सीमित नहीं है। राष्ट्रहित, शिक्षा हित, छात्र हित और शिक्षक हित को साथ लेकर चलना संगठन की कार्यदृष्टि है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पहले संवाद और वार्ता का मार्ग अपनाया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर ज्ञापन, धरना और लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाता है।
समारोह में 25 उत्कृष्ट एवं सेवाभावी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं श्रीमती रूपा जोनवल को जिला सह-मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव भरत लाल पपोंडिया ने किया तथा आभार जिला संगठन मंत्री श्री मोतीलाल फरक्या ने माना। सम्मेलन की सफलता में कार्यक्रम संयोजक शंभूसिंह चुण्डावत, जिला उपाध्यक्ष मनीष बैरागी, सह संयोजक जीतेन्द्रसिंह राणा, प्रेमसिंह चौहान सहित समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
