पुराना ब्रिज बंद, नया संकरा: इटारसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर हो क्राउड मैनेजमेंट प्लान

पुनीत दुबे,

इटारसी। इटारसी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 300 यात्री ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें लगभग 70 से 80 यात्री ट्रेनें 24 घंटे के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर रुकती हैं। ऐसे व्यस्त प्लेटफॉर्म पर नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) के निर्माण और पुराने FOB को बंद किए जाने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्लेटफॉर्म 2 और 3 को जोड़ने वाले नए FOB पर चढ़ने और उतरने के लिए एक ही तरफ सीढ़ियां हैं, जिनकी चौड़ाई करीब 1.5 मीटर है। पुराने FOB के बंद होने के बाद प्लेटफॉर्म 2 और 3 से आने-जाने के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में यात्रियों का पूरा दबाव इन्हीं संकरी सीढ़ियों पर पड़ता है।

स्थिति उस समय और गंभीर हो जाती है जब एक साथ दो या अधिक ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर पहुंचती हैं। 11463, 12533, 12967, 12853, 11072, 22589, 12486, 22710 और 20911 जैसी ट्रेनों के यात्रियों के एक साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंचने और दूसरी ओर ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के इन्हीं सीढ़ियों से बाहर निकलने के कारण अत्यधिक भीड़ की स्थिति बनती है। सामान्य दिनों में भी भगदड़ की आशंका बनी रहती है, जबकि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से जोखिम और बढ़ सकता है।

दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए भी परेशानी

प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर दिव्यांगजन और बुजुर्ग यात्रियों के लिए रैंप, लिफ्ट या एस्केलेटर जैसी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। व्हीलचेयर से आवागमन के लिए भी पर्याप्त संसाधन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी होती है। इस संबंध में रेल मदद पर शिकायतों का दबाव भी बढ़ता है।

भीड़ के दौरान इन यात्रियों को सुरक्षित तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में सामान्य यात्री आवागमन भी प्रभावित होता है। वहीं, सीमित स्थान के कारण क्राउड मैनेजमेंट स्टाफ के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों का सुगम आवागमन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

त्योहारों से पहले बढ़ सकती है चुनौती

स्थानीय स्तर पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर ट्रेनों की संख्या कम करने का विकल्प सुझाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में पत्राचार कर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव दिया है।

एक विकल्प के तौर पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर उपलब्ध समय का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, 12628 के बाद 12720 तक प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ट्रेन नहीं रहने की स्थिति में 11072, 22589, 11463 और 20911 जैसी कुछ ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर शिफ्ट किया जा सकता है। इससे सुबह के समय प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर भीड़ कम की जा सकती है।

इसी तरह शाम के समय 12967, 12615, 11464 और 20912 जैसी ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लेने पर प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर यात्री दबाव कम किया जा सकता है।

स्थायी समाधान जरूरी

प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर यात्री सुरक्षा के लिए केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। नए FOB की सीढ़ियों की चौड़ाई, वैकल्पिक प्रवेश-निकास मार्ग, लिफ्ट और एस्केलेटर की उपलब्धता तथा दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए सुविधाओं की समीक्षा जरूरी है।

जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक ट्रेनों को वैकल्पिक प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने जैसी व्यवस्था से भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। पुराने FOB को बंद करने के बाद वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों का दबाव एक संकरे रास्ते पर केंद्रित हो गया है। त्योहारों के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे को समय रहते इस व्यवस्था की समीक्षा कर सुरक्षा के ठोस उपाय करने की आवश्यकता है।

 

 

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