इंदौर: शहर में नगर निगम स्वच्छता अभियान में एक ओर नवाचार करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत अब शहर में घरों से निकलने वाले खराब बड़े कपड़ों से खिलौनों के फाइबर एवं धागे बनाए जाएंगे. स्वच्छता अभियान में बड़े कपड़ों को ट्रीट करने का प्लांट देवगुराडिया ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास लगाया जाएगा, जिसके टेंडर की अंतिम तारीख 14 सितम्बर है. खास बात यह है कि उक्त कपड़ा ट्रीट प्लांट पीपीपी मॉडल पर लगाया जाएगा.
नगर निगम देश में स्वच्छता में नंबर वन ऐसे ही महज है, इसके लिए हर साल निगम द्वारा स्वच्छता अभियान में कचरे को विभिन्न तरीके से ट्रीट कर कुछ नया काम किया जाता है. इसी कड़ी में नगर निगम 25 टन प्रतिदिन क्षमता का खराब बड़े कपड़ों का पीपीपी मॉडल पर ट्रीट करने का प्लांट लगाने के टेंडर जारी कर चुका है, जिसकी अंतिम तारीख 14 सितंबर है. उक्त कपड़ा ट्रीट प्लांट की प्री बीड बैठक हो चुकी है, जिसमें करीब चार कंपनियों ने टेंडर कमेटी के सामने नियम शर्तो की जानकारी ली है. बताया जा रहा है कि नगर निगम द्वारा देव गुराडिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास 80 हजार वर्गफीट प्लांट लगाने के लिए जमीन देगा।
कंपनी को मशीनरी से लेकर सारे संसाधन स्वयं लगाने होंगे, जिसको पीपीपी मॉडल पर स्थापित किया जाएगा. कंपनी द्वारा खराब बड़े कपड़ों से खिलौनों, मूर्तियों निर्माण में भरने वाले फाइबर रेशे और धागों का नियम करेगी. निर्माण सामग्री को बाजार में विक्रय करेगी. निगम का यह स्वच्छता अभियान में आत्मनिर्भर व्यवस्था का नया मॉडल होगा. ध्यान रहे कि नगर निगम द्वारा पिछले आठ सालों में कचरे से खाद बनाने, सीएनजी गैस प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट से वस्तु निर्माण, घरों के विभिन्न तरह के कचरे को ट्रिपल आरआरआर सेंटर पर एकत्र कर पर्यावरण संरक्षण के लिए झोले बनाने जैसे कई नवाचार किए जा रहे हैं.
प्लांट का टेंडर जारी किया
निगम स्वच्छता अभियान प्रभारी अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने बताया कि शहर के कपड़ा मार्केट से लेकर घरों तक निकलने वाले बड़े कपड़ों को रिसाइकल करने के प्लांट का टेंडर जारी किया है. टेंडर में जो कंपनी नगर निगम को ज्यादा रायल्टी अदा करेंगी, उसको टेंडर ओर नियम शर्तो के अनुसार अनुमति दे दी जाएगी।
