नयी दिल्ली, 26 अगस्त (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा परिणामों को लेकर केंद्रीय कैंटीन में चल रहे शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने से प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर जबरन हटाये जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी है।
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि उसके प्रतिनिधियों ने प्रॉक्टोरियल टीम, छात्र कल्याण अधिष्ठाता और कई प्रोफेसरों की मौजूदगी में प्रशासन से बातचीत की थी, लेकिन छात्रों की मांगों पर कोई ठोस आश्वासन या लिखित प्रतिबद्धता नहीं जतायी गयी।
संगठन ने प्रवेश और परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता की मांग करते हुए छात्रों के पूर्ण स्कोरकार्ड तत्काल जारी करने की मांग की है। साथ ही, प्रभावित और योग्य छात्रों को न्याय देने, प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा अनियमितता पाये जाने पर संदिग्ध प्रवेश रद्द करने की मांग की गयी है। संगठन ने परीक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने तथा परीक्षा नियंत्रक के इस्तीफे की मांग भी उठायी है।
एनएसयूआई के जामिया प्रभारी रवि पांडे ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों का जवाब बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और लिखित प्रतिबद्धताओं के माध्यम से दिया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि वह पारदर्शिता, मेरिट और न्याय के लिए छात्रों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
