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नीमच। जिले में करीब 10-12 दिनों के सूखे के बाद मंगलवार को मौसम बदला और दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई। रात 9 से 11 बजे तक करीब दो घंटे झमाझम बारिश का दौर चला। बारिश से सोयाबीन सहित खरीफ फसलों को बड़ी राहत मिली है। वहीं, शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शहर में हल्की से तेज फुहारें पड़ती रहीं। शाम को कुछ देर बारिश थमने के बाद रात 9 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो करीब 11 बजे तक जारी रही। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए।
सूखने की कगार पर पहुंची फसलों को जीवनदान
किसानों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश सोयाबीन समेत अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। पिछले करीब दो सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में दरारें पडऩे लगी थीं और फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं। बारिश से मिट्टी में नमी लौटने के साथ फसलों को नया जीवन मिला है।
बारिश के बाद दिनभर की गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्रीदर्ज किया गया। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया।
जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
तेज बारिश के बाद शहर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। डाक बंगले के सामने और गुप्ता की पुलिया के पास मुख्य सडक़ पर 1 से 2 फीट तक पानी जमा हो गया। अचानक हुए जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पानी में बंद हुए वाहन, लोगों ने धक्का देकर निकाले
सडक़ों पर पानी भरने से कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। वाहन चालक अपने वाहनों को धक्का लगाते नजर आए, जबकि राहगीरों को पानी से होकर पैदल गुजरना पड़ा। जलभराव के कारण देर रात तक लोगों को आवागमन में परेशानी होती रही।
