नई दिल्ली, अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और यहां रहने का अधिकार केवल देश के नागरिकों को है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और देश के जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए एक गंभीर खतरा है, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चार-सूत्रीय रणनीति और सुरक्षा
गृह मंत्री ने बताया कि पिछले आठ महीनों में सीमावर्ती राज्यों का दौरा कर राज्य सरकारों के साथ चार-सूत्रीय रणनीति का एक दस्तावेज साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बहुत कम समय में देश को घुसपैठियों से मुक्त करना है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा को पहली अनिवार्य शर्त बताया गया है।
भविष्य की रणनीतियां और पुलिसिंग
अमित शाह ने इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग के महत्व पर जोर देते हुए CCTNS, ICJS, NatGrid और NAFIS जैसे डिजिटल सिस्टम्स को आपस में जोड़ने की बात कही। उन्होंने युवा अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, यह भी जानकारी दी कि सरकार की मजबूत नीतियों के चलते वर्ष 2019 से 2026 के बीच लगभग 274 भगोड़ों को विदेश से वापस लाया जा चुका है।

