
सबसे ज्यादा आयात चीन (30.9 प्रतिशत), कोरिया (30.2 प्रतिशत) और जापान (14.9 प्रतिशत) से किया गया। तैयार इस्पात का कुल निर्यात 22.92 लाख टन यह एक साल पहले के मुकाबले 35 प्रतिशत अधिक है। इससे 18,105 करोड़ रुपये की कमाई हुई जो सालाना 29.4 प्रतिशत बढ़ी है। जिन देशों को निर्यात किया गया उनमें वियतनाम (15.4 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (14.8 प्रतिशत) और बेल्जियम (आठ प्रतिशत) सबसे ऊपर हैं। स्टेनलेस स्टील का उत्पादन पहले चार महीने में 4.2 प्रतिशत घटकर 13.76 लाख टन रह गया।
इसी अवधि में हालांकि खपत 25 फीसदी बढ़ी और 17.7 लाख टन पर पहुंच गयी। उत्पादन और खपत के अंतर को पाटने के लिए 4.97 लाख टन का आयात किया गया, जो एक साल पहले की तुलना में 111 प्रतिशत का उछाल दिखाता है। निर्यात 1.67 लाख टन रहा जो सालाना आधार पर 30.7 प्रतिशत कम है। अलॉय स्टील का उत्पादन 26.7 प्रतिशत बढ़कर 37.11 लाख टन और खपत 22.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 40.23 लाख टन रहा। मंत्रालय ने बताया कि पिछले मानसून सत्र में संसद द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम से खनन क्षेत्र में निवेश के माहौल में सुधार होगा, खदानों के विकास को समर्थन मिलेगा तथा लौह अयस्क सहित प्रमुख खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी। यह कानून 17 अगस्त 2026 को अधिसूचित किया गया था।
