
सिंगरौली । नगर पालिक निगम सिंगरौली की अमृत-1.0 परियोजना के तहत चल रहे सीवरेज कार्य में सामने आई गंभीर लापरवाही पर निगम प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने कानपुर की निर्माण एजेंसी मैसर्स एनवायर्ड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एजेंसी से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
पुलिस लाइन के पास बैढ़न-तैलाई-मकरोहर सड़क मार्ग पर सीवरेज पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की परतवार समतलीकरण और बहाली निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप नहीं की गई। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई और राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए। इतना ही नहीं, एमपीआरडीसी के स्वामित्व वाले मार्ग पर संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति के बिना रोड क्रासिंग किए जाने का मामला भी सामने आया है। निगम प्रशासन के अनुसार यह कृत्य अनुबंध की सामान्य शर्तों और तकनीकी नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रारंभिक आकलन में सड़क को हुए नुकसान से एमपीआरडीसी को 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है। अनुबंध के तहत क्षतिग्रस्त सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की है।
अधिकारियों पर भी गिरी गाज
कार्य की निगरानी में लापरवाही को लेकर निगम के कार्यपालन यंत्री को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि उनके द्वारा निर्माण एजेंसी के कार्य का समुचित पर्यवेक्षण नहीं किया गया और नियुक्त तकनीकी अमले पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं रखा गया। इसी मामले में प्रभारी सहायक यंत्री द्वय इंद्रवेश यादव तथा उपयंत्री जितेंद्र कुमार को भी नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से तीन दिवस में जवाब मांगा गया है। प्राप्त स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद निगम प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
