नयी दिल्ली, 24 अगस्त (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-जापान साझेदारी पारंपरिक व्यापार से कहीं आगे बढ़कर आर्थिक सुरक्षा, रक्षा, आपूर्ति-श्रृंखला की मजबूती, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और दोनों देशों के लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तारित हो गई है।
उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों के बीच बी2बी भागीदारी बढ़ाने तथा भारत में काम कर रही कंपनियों की संख्या एक दशक में दो गुना करने का लक्ष्य रखा है।
जापान यात्रा पर गये श्री गोयल वहां जापान बिजनेस फेडरेशन केइदानरेन के साथ एक गोलमेज बैठक को संबोधित कर रहे थे जो 1,500 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों के स्तर पर समझेदारी ( बी2बी साझेदारी) के विस्तार का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में भारत में कारोबार करने में सुगमता में हो रहे सुधार और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से पैदा हो रहे अवसरों को रेखांकित किया। मंत्री ने जापानी निवेशकों को भारत में अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाने और देश में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ” भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या “इस दशक में मौजूदा स्तर से दोगुनी होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत और जापान ने वर्ष 2026 को ” भारत-जापान साझा क्षितिज वर्ष ” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
श्री गोयल ने जापानी कंपनियों सुमितोमो कॉर्पोरेशन,मेइजी सेइका फार्मा, मित्सुबिशी कॉर्पोरेशन, टोक्यो इलेक्ट्रॉन और मिनेबिया मित्सुमी के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यावसायिक बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत में इन कंपनियों के संचालन के और विस्तार तथा निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
दोपहर में श्री गोयल ने जापान के राष्ट्रीय सुरक्षा सचिवालय के महासचिव इचिकावा केइइची के साथ कांतेई (उप-प्रधानमंत्री कार्यालय) में बैठक की। इस बैठक ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के साथ-साथ उनके संबंधों के रणनीतिक आयाम को भी रेखांकित किया।
श्री गोयल ने कैपिटल गुड्स, मशीनरी और ऑटोमोटिव उद्योग पर आयोजित एक गोलमेज बैठक में भाग लिया। इस बैठक में जापानी कंपनियों और भारत के टियर-2 तथा टियर-3 आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही औद्योगिक सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी के नए अवसरों की पहचान की गई, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए। इस गोलमेज बैठक में भारत और जापान की लगभग 70 कंपनियों ने भाग लिया।
मंत्री ने कैपिटल गुड्स, मशीनरी, ऑटोमोटिव और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया और जापानी कंपनियों को इन क्षेत्रों में भारत में अपनी उपस्थिति और मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया।बैठकों में जापानी कंपनियों के लिए भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने तथा अधिक मजबूत और लचीली आपूर्ति-श्रृंखलाओं के निर्माण में योगदान देने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
शाम को श्री गोयल ने निक्केई एशिया द्वारा संचालित एक फायरसाइड चैट में भाग लिया। इसमें भारत और जापान के कारोबारी समुदाय तथा मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
श्री गोयल भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उद्योग व्यवसाय जगत के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं जो विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं1
श्री गोयल 27 अगस्त तक चलने वाली इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी के तहत व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है।
