नयी दिल्ली, 24 अगस्त (वार्ता) मनुस्मृति को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति से जुड़े कथित प्रावधानों का हवाला देते हुए इसे महिला विरोधी सोच बताया और कहा कि भाजपा नेताओं का इसके समर्थन में उतरना कोई हैरानी की बात नहीं है।
सुश्री श्रीनेत ने कहा कि मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में महिला को पिता, पति और पुत्र के संरक्षण में रहने की बात कही गयी है और उसके स्वतंत्र रहने की अवधारणा को नकारा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनुस्मृति में महिलाओं की शिक्षा, संपत्ति के अधिकार और उनकी स्वतंत्रता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गयी हैं। उन्होंने मनुस्मृति के विभिन्न अध्यायों तथा श्लोकों का हवाला देते हुए महिलाओं को लेकर की गयी कथित टिप्पणियों पर सवाल उठाया और कहा कि महिलाओं के बारे में ऐसी बातें सुनकर किसी का भी खून खौल सकता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मनुस्मृति पर सवाल उठाने के बजाय यह कहना कि दूसरे धर्मों की कुरीतियों पर बात क्यों नहीं हो रही, मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने राजा राममोहन राय के सती प्रथा विरोधी आंदोलन का उदाहरण देते हुए इस तर्क को बचकाना और महिला विरोधी बताया।
गौरतलब है कि पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मनुस्मृति को लेकर कहा था कि इसमें महिलाओं के प्रति शर्मनाक और अपमानजनक बातें लिखी गयी हैं।
