
बागली। देवास जिले के अंतिम छोर पर स्थित खंडवा जिला एवं देवास जिले की पवित्र नर्मदा सीमा रेखा तट पर महाभारत कालीन प्राचीन धराजी नामक घाट स्थित है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में धारा जी से श्रद्धालु जिसमें महिला पुरुष एवं बच्चे तथा बुजुर्ग शामिल रहते हैं। सभी के द्वारा पवित्र नर्मदा का जल लेकर महाकालेश्वर जटाशंकर चंद्र केसर और अन्य धार्मिक शिवालयों पर जल चढ़ाया जाता है। अधिकतर कावड़ यात्री अपने-अपने वाहनों से धारा जी तट तक आते हैं और यहां से पैदल यात्रा करते हुए संबंधित शिवालय पर हंसते झुमते जाते हैं । बोल बम कावड़ यात्रा के संयोजक गिरधर गुप्ता ने नवभारत संवाददाता सुनील योगी को बताया कि विगत सभी सावन मास की बजाय इस वर्ष के श्रावण मास में अभी तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु कावड़ यात्रा में शामिल होकर सनातन का परचम लहरा चुके हैं।
पिपरी स्थित व्यापारियों ने बताया कि धारा जी स्नान घाट प्रतिबंधित होने के 22 वर्षोंके बाद पवित्र श्रावण मास में इतनी अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। प्रतिदिन किसी न किसी स्थान से बड़ी संख्या में कावड़ यात्री धारा जी घाट पर आ रहे हैं और जल लेकर जा रहे हैं। इस वर्ष महिलाओं की भी रिकॉर्ड संख्या रही। इनमें से अधिकतर श्रद्धालु कुछ देर के लिए पिपरी स्थित नर्मदा मंदिर पर भी रुके यहा संचालित सनातन सेवा समिति के अन्न क्षेत्र के प्रभारीयो ने बताया कि पूरे सावन महीने में 50हजार से अधिक श्रद्धालुओं को संस्था की तरफ से भोजन प्रसादी व अन्य व्यवस्था मुहैया करवाई गई इसी प्रकार धाराजी स्थित संतो के आश्रम पर भी श्रद्धालुओं की चाय और भोजन की व्यवस्था चलती रही। भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष राय सिगं सेंधव ने बताया कि यहां बड़ी खुशी की बात है कि भोले बाबा के पवित्र माह में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए शीघ्र ही बेहतर सड़क मार्ग बन जाने की स्वीकृति मिल गई है। जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में और भी अधिक सुलभता मिल जाएगी।
