
अमेरिका द्वारा ईरान पर नये प्रतिबंधों की आशंका में दूसरे एशियाई बाजार भी दबाव में रहे। दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। घरेलू स्तर पर वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत मजबूत हुआ जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक में 0.26 प्रतिशत की गिरावट रही।
बैंकिंग, वित्त, मीडिया, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, स्वास्थ्य और सीमेंट सेक्टर दबाव में रहे। धातु समूह का सूचकांक 1.59 प्रतिशत की तेजी में रहा। रियल्टी और आईटी समहों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, बीईएल, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर एक से डेढ़ फीसदी तक टूट गये। ट्रेंट, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, पावरग्रिड और आईटीसी के शेयर भी नीचे बंद हुए। टाटा स्टील का शेयर पौने दो फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का सवा दो फीसदी से ऊपर मजबूत हुआ। इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनीलिवर, सन फार्मा और इंडिगो के शेयर भी बढ़त में रहे।
