
सीबीएन मध्य प्रदेश इकाई से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीमों ने 20-21 अगस्त की मध्यरात्रि को सुल्तानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर निगरानी और घेराबंदी शुरू की। विभिन्न टोल प्लाजा पर लगातार निगरानी के बाद 21 अगस्त को लखनऊ के पास असम नंबर की एक हुंडई क्रेटा को रोका गया। वाहन की तलाशी में शुरुआत में कुछ नहीं मिला, लेकिन पूछताछ के दौरान संदिग्धों के यह बताने पर कि उन्होंने करीब 500 किलोमीटर की दूरी में चार बार ईंधन भरवाया था, अधिकारियों को संदेह हुआ। ईंधन टैंक की जांच में खोखली आवाज आने के बाद टैंक खोला गया, जहां विशेष रूप से बनाये गये गुप्त डिब्बे से 25 वाटरप्रूफ पैकेट बरामद हुए। इनमें कुल 16.48 किलोग्राम कच्ची हेरोइन छिपायी गयी थी।
इसी दौरान सीबीएन उत्तर प्रदेश इकाई को सिलीगुड़ी-लखनऊ मार्ग पर एक भारी वाणिज्यिक वाहन से प्रतिबंधित नशीले पदार्थ ले जाये जाने की सूचना मिली। टीमों ने कई टोल प्लाजा पर वाहन की निगरानी करते हुए उसका पीछा किया और बाराबंकी के पास उसे रोक लिया। तलाशी के दौरान वाहन के ढांचे के भीतर विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त कक्ष से 2.16 किलोग्राम कच्ची हेरोइन बरामद हुई। इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में कुल 18.64 किलोग्राम कच्ची हेरोइन और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है। सीबीएन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मादक औषधि एवं मनोविकृत पदार्थ अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
