
कांग्रेस नेता ने प्याज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को लेकर भी चिंता जतायी और कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया वृद्धि के बाद प्याज भी आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक महीने के भीतर प्याज की कीमतों में 76 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कई राज्यों में थोक कीमतें दोगुनी हो गयी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का प्याज का बफर स्टॉक खत्म हो चुका है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ” चीनी के बाद अब प्याज भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहा है। दूध, तेल, फल और राशन- सब कुछ आम लोगों के लिए महंगा होता जा रहा है।”महंगाई के घरेलू बजट पर पड़ रहे असर को लेकर केंद्र पर सवाल उठाते हुए श्री रमेश ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।” श्री रमेश ने कहा, ” अच्छे दिन लाने का दावा करने वाली मोदी सरकार को बताना चाहिए कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आखिर कैसे गुजारा करें।” उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब हाल के सप्ताहों में प्याज सहित कई घरेलू आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि को लेकर चिंता जतायी जा रही है। सरकार पहले भी कहती रही है कि उपभोक्ताओं को राहत देने और किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए बफर स्टॉक के प्रबंधन तथा कीमतों को स्थिर रखने के कदम उठाये गये हैं।
