नई दिल्ली, फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया है कि इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष से यह अनुरोध किया था कि नेताओं की इस मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों को सवाल पूछने की अनुमति न दी जाए।
कांग्रेस पार्टी का तीखा हमला
राजदूत की इस टिप्पणी के सामने आते ही कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला बोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश और विदेश दोनों ही जगहों पर मीडिया के सवालों और प्रेस की स्वतंत्रता का सामना करने से क्यों कतराते हैं। पार्टी ने इस स्थिति को लेकर सरकार की कूटनीति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अमेरिकी राजदूत का बयान और प्रतिक्रिया
राजदूत गोर ने अपने बयान में यह भी जिक्र किया कि राष्ट्रपति ट्रंप इस निर्देश को नजरअंदाज करते हुए बैठक के बाद लगभग 45 मिनट तक पत्रकारों के सवालों के जवाब देते रहे। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह के घटनाक्रम से देश की वैश्विक छवि प्रभावित होती है, जबकि इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

