रीवा। भारी बारिश और बाढ़ के बाद राहत व्यवस्था को लेकर खैरी नाई बस्ती के लोगों का आक्रोश सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संभावित दौरे से पहले बाढ़ प्रभावित महिलाएं और पुरुष सड़ा हुआ चावल व अनाज लेकर सड़क पर प्रदर्शन करने पहुंचे। लोगों ने प्रशासन पर राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।
बाढ़ के पानी से बस्ती के घरों में रखा राशन, अनाज और घरेलू सामान खराब हो गया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि कई दिनों से खाने-पीने की समस्या बनी हुई है और उन्हें पर्याप्त सूखा राशन, भोजन, तिरपाल और सुरक्षित आश्रय नहीं मिल पाया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को जमीनी स्थिति दिखाने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला, जिसके चलते वे कच्चे और असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने तत्काल भोजन, सुरक्षित आश्रय और पक्के मकानों की व्यवस्था करने की मांग की है।
वहीं, प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, भोजन और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ द्वारा क्षेत्र से लोगों का रेस्क्यू भी किया गया है। ऐसे में खैरी नाई बस्ती के लोगों का प्रदर्शन राहत व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
