
अशोकनगर। सरकारी नौकरी दिलाने और खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का अशोकनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर युवाओं से 9 लाख 80 हजार रुपये ऐंठने वाले भाई-बहन को चंदेरी पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन और एसडीओपी महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चंदेरी थाना प्रभारी प्रशांत यादव की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की।
पर्यटन के बहाने आए और बिछाया ठगी का जाल
मामला अप्रैल 2025 का है, जब भोपाल के संत आशाराम नगर (बाग मुगलिया) निवासी तृप्ति सिंह राजपूत (30 वर्ष) और उसका भाई सुधांशु सिंह (23 वर्ष) अपने अन्य साथियों के साथ चंदेरी घूमने आए थे। किला कोठी होटल में ठहरने के दौरान तृप्ति सिंह ने खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की हेड बताया। आरोपियों ने स्थानीय निवासियों जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी को सरकारी नौकरी और बेहतर वेतन का झांसा दिया। आरोपियों ने प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये की मांग की। झांसे में आकर फरियादियों ने 9.80 लाख रुपये नगद और अपने मूल दस्तावेज आरोपियों को सौंप दिए।
पुलिस की मुस्तैदी से पकड़े गए आरोपी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर तंत्र और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने किला कोठी से दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य दो फरार सह-आरोपियों तनुज बैश्य और अंजली सिंह की तलाश कर रही है। एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने नागरिकों से सतर्क रहने और नौकरी के नाम पर किसी को पैसे न देने की अपील की है।
