जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीएनएलयू) में पर्सनल असिस्टेंट-स्टेनोग्राफर के दो पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को विश्वविद्यालय के विनियमों के विपरीत बताए जाने पर यह अंतरिम आदेश दिया।दरअसल याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी रोहित नानेपाग की ओर से बताया गया कि विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई 2026 को गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था।
इसमें पर्सनल असिस्टेंट- स्टेनोग्राफर पद के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से मास्टर डिग्री अनिवार्य की गई। याचिकाकर्ता के पास मास्टर डिग्री नहीं होने के कारण उसने आवेदन नहीं किया। अधिवक्ता ने दलील दी कि डीएनएलयू के विनियमों में इसी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित है। ऐसे में विज्ञापन में मास्टर डिग्री की अनिवार्यता निर्धारित करना नियमों के विपरीत है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही 15 जुलाई के विज्ञापन के तहत पर्सनल असिस्टेंट- स्टेनोग्राफर पद पर नियुक्ति पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
