जबलपुर:भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल में बंदियों और उनके परिजनों के बीच प्रत्यक्ष खुली मुलाकात होगी। आगामी 28 अगस्त 2026 को होने वाली इस विशेष मुलाकात को लेकर सख्त नियम और समय-सारणी तय की गई है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। जेल प्रबंधन के मुताबिक, रक्षाबंधन के दिन मुलाकात के लिए नाम दर्ज कराने का समय सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक ही रहेगा। परिजनों को समय पर उपस्थित होकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए परिजनों को अपने साथ आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड जैसे वैध सरकारी पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। भीड़ को नियंत्रित करने और सभी को मौका देने के लिए प्रत्येक मुलाकात का समय अधिकतम 15 मिनट तय किया गया है। जेल में बंद पुरुष कैदियों से मुलाकात जेल के खुली जेल प्रांगण में होगी। सुरक्षा कारणों से इस प्रांगण में केवल महिलाओं और उनके साथ आने वाले 5 वर्ष तक के छोटे बच्चों को ही प्रवेश दिया जाएगा। जेल में निरूद्ध महिला कैदियों की उनके भाइयों से मुलाकात जेल के मुख्य कार्यालय परिसर में बने पृथक वॉर्ड में कराई जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद बंदियों से उनके परिजन सीधे नहीं मिल सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले कलेक्टर से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
सीमित मात्रा में मिठाई और फल ले जाने की छूट
परिजन अपने साथ अधिकतम 500 ग्राम मिठाई, आधा किलो सेब, आधा किलो केला, रूमाल, रक्षासूत्र और कुमकुम ही ले जा सकेंगे, साथ ही भाई का मुंह मीठा कराने के लिए जेल कैंटीन के समोसे अंदर ले जाने की विशेष छूट दी गई है।
इन सामग्री के साथ पकड़े गए तो होगी कार्रवाई
जेल के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा परिजनों की सघन तलाशी ली जाएगी। जेल परिसर के भीतर पर्स, नगद रुपए, मोबाइल फोन, गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट, भोजन या घर से लाई गई किसी भी अन्य अतिरिक्त सामग्री को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जेल प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि तलाशी के दौरान किसी भी परिजन के पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उस बंदी की मुलाकात को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।
