बेंगलुरु, 22 अगस्त (वार्ता) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की छात्रों की मांग का समर्थन किया और उन्हें निष्पक्ष तथा समान शिक्षा प्रणाली के लिए काम करने का भरोसा दिलाया।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को आभासी माध्यम से संबोधित करते हुए श्री गांधी ने प्रश्न पत्र लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत को लेकर उनकी चिंताओं को सुना।
कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस समिति(केपीवाईसी) ने यहां के.आर. पुरम के एसईए मल्टीपर्पज हॉल में एक बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से इस बातचीत का आयोजन किया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और उनके भविष्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं जाहिर कीं। बातचीत के दौरान श्री गांधी ने पितृसत्तात्मक ढांचे, महिलाओं को कमतर समझने की सोच, मनुस्मृति में उनके चित्रण और महिलाओं को नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में भी बात की।
केपीवाईसी के प्रदेश अध्यक्ष एच.एस. मंजूनाथ ने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के बड़े पैमाने ने छात्रों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है और उन्होंने अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा, “पिछले दशक में परीक्षा के पेपर लीक होने के 152 मामलों से लगभग 7.5 करोड़ उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।” उन्होंने कहा कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों का भविष्य पेपर लीक या गड़बड़ियों की वजह से खतरे में नहीं पड़ना चाहिए।
श्री मंजूनाथ ने कहा, “युवाओं के भविष्य को सिर्फ़ परीक्षा के अंकों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। अच्छी शिक्षा, रोज़गार के अवसर और समान अवसर सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।”
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष डी.टी. श्रीनिवास, पूर्व विधायक पूर्णिमा, पार्टी के पदाधिकारी और स्वयंसेवक मौजूद थे।
