मुंबई, 22 अगस्त (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के दौरान विदेशी मुद्रा की देश की बढ़ी जरूरतों के मद्देनजर घोषित रिजर्व बैंक की स्वैप फैसिलिटी के तहत ढाई महीने में 72.85 अरब डॉलर देश में आये हैं।
इस योजना की घोषणा 08 जून 2026 को की गयी थी। इस विशिष्ट अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपया स्वैप फैसिलिटी के तहत एफसीएनआर(बी) जमा, विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और सीमा पार विदेशी मुद्रा उधारी (ओएफसीबी) शामिल हैं। यह योजना 31 अगस्त तक उपलब्ध है।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि 21 अगस्त तक एफसीएनआर(बी) जमा के तहत 65.397 अरब डॉलर आये थे। ओएफसीबी में 4.86 अरब डॉलर और ईसीबी में 2.59 अरब डॉलर देश में आये हैं।
उल्लेखनीय है कि इस साल 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने से पहले 27 फरवरी को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद यह 26 जून तक घटकर 666.933 अरब डॉलर रह गया था।
विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाये रखने के लिए रिजर्व बैंक ने स्वैप फसिलिटी की शुरुआत की थी जिसका असर साफ दिख रहा है। गत 14 अगस्त को विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ता हुआ 716.91 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
