इंदौर: धार रोड स्थित शहर की सबसे बड़ी लकड़ी मंडियों में शामिल गुरु नानक टिंबर मार्केट में शुक्रवार सुबह वन विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से कारोबारियों में हलचल मच गई. शिकायतें लगातार मिलने के बाद विभाग ने इस बार स्थानीय अमले के साथ भोपाल की टीम को भी कार्रवाई में उतारा. पुलिस बल और क्रेन के साथ पहुंची टीमों ने मार्केट में लकड़ी के स्टॉक की जांच शुरू की.
वन विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि जीएनटी मार्केट में ऐसी लकड़ी भी पहुंच रही है, जिसके परिवहन और संग्रहण से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति संदिग्ध है. शिकायतों में अवैध तरीके से लकड़ी लाकर स्टॉक करने की बात भी सामने आई थी. मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई. शुक्रवार सुबह भोपाल और इंदौर के वन अधिकारियों की टीम एक साथ मार्केट पहुंची. टीम ने यहां लकड़ी के स्टॉक का मिलान शुरू किया. जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि मार्केट में मौजूद लकड़ी कहां से आई, उसे लाने के लिए क्या दस्तावेज इस्तेमाल किए गए और स्टॉक में मौजूद लकड़ी का रिकॉर्ड से मिलान हो रहा है या नहीं.
मौके पर क्रेन लेकर पहुंचा अमला
कार्रवाई के लिए टीम क्रेन लेकर पहुंची. इससे माना जा रहा है कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर लकड़ी के स्टॉक की छंटाई और उसकी जांच की जरूरत पड़ सकती है. फिलहाल, अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद लकड़ी की जांच कर रहे हैं. वन विभाग के लिए इस कार्रवाई का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि जीएनटी मार्केट में आसपास के इलाकों से बड़ी मात्रा में लकड़ी का कारोबार होता है. अब जांच में यदि किसी स्टॉक के दस्तावेज नहीं मिलते हैं या लकड़ी के स्रोत को लेकर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ वन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. मामले में अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
