इंदौर: केमिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई के साथ उद्योग की बदलती जरूरतों और करियर के अवसरों को समझने का मौका आईआईटी इंदौर के विद्यार्थियों को ओपन हाउस में मिला. रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 17 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में टोटलएनर्जीज के सीनियर एसेट मैनेजर सतीश अग्रवाल ने विद्यार्थियों से उद्योग के अनुभव साझा किए.
कार्यक्रम में बीटेक, पीएचडी और एमटेक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ओपन हाउस में विभाग के शोध कार्यों की प्रस्तुति भी हुई. विद्यार्थियों ने रासायनिक अभियांत्रिकी में चल रहे शोध, नई तकनीक और भविष्य के क्षेत्रों को समझा. सतीश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के बाद उद्योग में उपलब्ध अवसरों के साथ यह भी बताया कि बदलते औद्योगिक परिदृश्य में किस तरह के कौशल की जरूरत है. कार्यक्रम का सबसे उपयोगी हिस्सा सवाल-जवाब का सत्र रहा. विद्यार्थियों ने तेल-गैस उद्योग, तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र और केमिकल इंजीनियरिंग के बाद करियर विकल्पों को लेकर सवाल किए. चर्चा में यह बात सामने आई कि पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्रों के साथ नई ऊर्जा तकनीक भी केमिकल इंजीनियरों के लिए रोजगार और शोध के नए रास्ते खोल रही है.
अक्टूबर में जुटेंगे उद्योग और अकादमिक जगत के विशेषज्ञ
इसी कार्यक्रम के दौरान आईआईटी इंदौर ने मालवा केमिकल कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे संस्करण की घोषणा की. यह कॉन्क्लेव 12 अक्टूबर को आईआईटी इंदौर में होगा. इसका फोकस केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग और शिक्षाविदों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर रहेगा. कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान और पैनल चर्चा के साथ विद्यार्थियों के पोस्टर सत्र, व्यावहारिक कार्यशालाएं और फैकल्टी कंसल्टेशन सत्र होंगे. संस्थान के शोध कार्यों और प्रयोगशालाओं से भी प्रतिभागियों को परिचित कराया जाएगा. कॉन्क्लेव के जरिए इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, प्रायोजित शोध, औद्योगिक परामर्श, प्रशिक्षण और तकनीक हस्तांतरण के अवसर तलाशे जाएंगे.इस बार भारतीय मानक ब्यूरो के सहयोग से आईआईटी इंदौर के केमिकल इंजीनियरिंग स्टूडेंट चैप्टर द्वारा आयोजन किया जा रहा है
