
दमोह। मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं गुना के पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात सागर संभाग की अपनी पहली परिचयात्मक एवं समीक्षा बैठक ली। बैठक में सागर संभाग के सभी जिलों (सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी एवं पन्ना) के जिला प्रबंधकों के साथ निगम की कार्यप्रणाली, खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण और वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री पवन कुमार अरमोती, म.प्र. वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (सागर) के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री डी.के. हवलदार, नागरिक आपूर्ति निगम सागर के जिला प्रबंधक श्री रोहित सिंह बघेल सहित संभाग के समस्त जिलों के जिला प्रबंधक एवं निगम का अधिकारी-कर्मचारी अमला उपस्थित रहा।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव ने अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता (एफिशिएंसी) बढ़ाने, फाइलों व निविदाओं का त्वरित निस्तारण करने और बेवजह की पेंडेंसी को शून्य करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता और कसावट लाई जाएगी तथा आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न समय पर पहुंचे और शासकीय धन का कोई अपव्यय न हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में पूर्व वर्षों के भंडारित और खराब हुए अनाज के स्टॉक की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने खराब स्टॉक के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने और नियमानुसार मुख्यालय से पत्राचार कर त्वरित डिस्पोजल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों में लेखे (अकाउंट्स) अपडेट रखने और मैनपावर की समीक्षा करते हुए आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवश्यकता से अधिक स्टाफ नियोजन की शिकायतों पर तुरंत रोक लगाने की बात कही।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की समीक्षा करते हुए डॉ. यादव ने आगामी 3 और 6 माह के लिए खाद्यान्न की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने बारिश के मौसम में खाद्यान्न का मूवमेंट बाधित न हो, इसके लिए प्रदाय केंद्रों तक समय पर राशन पहुंचाने तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में चावल की निर्बाध आपूर्ति हेतु मुख्यालय को समय पर डिमांड भेजने के निर्देश दिए। आगामी खरीफ (धान) उपार्जन की पूर्व तैयारियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अतिरिक्त बारदाने की मांग समय से पहले मुख्यालय भेजी जाए, उपार्जन कार्य हेतु स्टाफ को पूर्व प्रशिक्षित किया जाए तथा कालीसूचीबद्ध व गड़बड़ी करने वाली समितियों को उपार्जन कार्य से पूरी तरह दूर रखा जाए।
बैठक के अंत में कड़ा रुख अपनाते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन वेयरहाउसों में स्टॉक खराब हुआ है, पुरानी रिकवरी पेंडिंग है या उपार्जन में अनियमिताएं पाई गई हैं, वहां के जिला प्रबंधक भुगतान के पूर्व सक्षम अनुमति प्राप्त करने और सभी कमियां और रिकवरी पूरी होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
