
इंदौर. ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए राजेंद्र नगर पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के मोबाइल और संपर्कों से सट्टे की आईडी-पासवर्ड बांटने के तरीके की जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस के मुताबिक गिरोह में अब तक 12 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि जांच में विदेशी लिंक और फर्जी सिम-आईडी का इस्तेमाल भी सामने आया है.
पुलिस ने राहुल निंबोला, सौम्यप्रीत शिंदे और धर्मेंद्र खींची उर्फ धम्मू गार्ड को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. कोर्ट ने तीनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टे की आईडी और पासवर्ड उन्हें कहां से मिलते थे और आगे किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे.
जांच में सामने आया कि गिरोह व्हाट्सऐप के जरिए सट्टा वेबसाइट के लिंक, आईडी और पासवर्ड भेजता था. वेबसाइट पर ग्राहक जितनी रकम जमा करता, उसके आधार पर ऑनलाइन वॉलेट में बैलेंस दिखता था और इसी के जरिए सट्टे के दांव लगाए जाते थे. पुलिस अब इस पूरी भुगतान व्यवस्था और नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. आरोपियों के मोबाइल की जांच में विदेशी लिंक और फर्जी सिम व पहचान से जुड़े तथ्य मिलने की बात भी सामने आई है. इसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण में संगठित अपराध और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी धाराएं बढ़ाई हैं. मोबाइल डेटा, संपर्कों और लेनदेन की पड़ताल से नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका तलाश रही है. मामले में डीसीपी जोन 1 नरेन्द्र सिंह रावत का कहना है कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया है. उनसे सट्टेबाजी के नेटवर्क, आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराने वालों और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है.
