भोपाल: मध्यप्रदेश के सरकारी कार्यालयों में लागू पांच दिन कामकाज की व्यवस्था में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। राज्य सरकार अब कोविड काल से चली आ रही इस व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय ले सकती है और जरूरत पड़ने पर सरकारी कार्यालयों में पहले की तरह छह दिन कामकाज की व्यवस्था बहाल की जा सकती है।
दरअसल, कोविड महामारी के दौरान सरकारी कार्यालयों में शासकीय सेवकों की आवाजाही सीमित करने के उद्देश्य से पांच दिन कामकाज की व्यवस्था लागू की गई थी। यह व्यवस्था मार्च-अप्रैल 2020 से लगातार चली आ रही है। कोविड के बाद परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद इसे जारी रखा गया।सरकार ने पांच दिन कामकाज की व्यवस्था बनाए रखने के साथ कार्यालयों के कार्य समय में भी बदलाव किया था। काम के समय में बढ़ोतरी की गई, ताकि सप्ताह में निर्धारित कार्य अवधि को पूरा किया जा सके। हालांकि, अब सरकार का मानना है कि सामान्य परिस्थितियों में पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों के समय पर कार्यालय पहुंचने और निर्धारित अवधि तक काम करने को लेकर भी लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। निगरानी के लिए विभागों में विशेष टीमें गठित किए जाने के बावजूद समय पालन को लेकर अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात सामने आई है।अब सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है। यदि पुरानी व्यवस्था बहाल होती है तो सरकारी कार्यालयों में शनिवार को भी कामकाज शुरू हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया जाना बाकी है
