नई दिल्ली, देश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रमुख संगठन ‘भारत पेंशनर्स समाज’ (BPS) ने आठवें वेतन आयोग के समक्ष एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत मांग की गई है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की समीक्षा साल में दो बार के बजाय अब हर तीन महीने में की जानी चाहिए।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत
संगठन का तर्क है कि बढ़ती महंगाई के वित्तीय दबाव से सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बचाने के लिए यह तिमाही समीक्षा बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और वेतन व पेंशन की समीक्षा की अवधि को 10 साल से घटाकर हर 5 साल करने की भी जोरदार मांग उठाई गई है, जिस पर वेतन आयोग विचार कर रहा है।
आयोग की आगामी प्रक्रिया
फिलहाल नया वेतन आयोग देश के विभिन्न शहरों में बैठकें आयोजित कर रहा है और कर्मचारियों व उनके संगठनों से मिलने वाले सुझावों पर व्यापक चर्चा कर रहा है। इन सभी सुझावों और सिफारिशों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी।

