नयी दिल्ली, 2024 T20I में बना था ये अनोखा रिकॉर्ड। इस दमदार खिलाड़ी ने 1 ओवर में 6 छक्कों संग 39 रन ठोके थे। जानें कैसे टूटा 36 रनों का पुराना रिकॉर्ड।
T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाना बेहद खास उपलब्धि है। अब तक दुनिया के छह बल्लेबाज ये कारनामा कर चुके हैं, जिसमें भारत के युवराज सिंह का नाम भी शामिल है। लेकिन 20 अगस्त 2024 को ऐसा कुछ हुआ, जिसने इस रिकॉर्ड को और भी खास बना दिया। एक ही ओवर में छह छक्के लगे, लेकिन ओवर से कुल 39 रन आए। ये T20 इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे महंगा ओवर बन गया।
किसने किया ये खास कारनामा?
ये कारनामा समोआ के बल्लेबाज डेरियस विसर ने वानुआतु के खिलाफ किया था। उन्होंने सिर्फ 62 गेंदों पर 132 रन की शानदार पारी खेली। अपनी पारी में विसर ने 14 छक्के और 5 चौके लगाए। इसी पारी के दौरान उन्होंने एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़ दिए। छह छक्कों से सामान्य तौर पर 36 रन बनते हैं, लेकिन इस ओवर में कुल 39 रन आए।
एक ओवर में कैसे बने 39 रन?
वानुआतु के गेंदबाज नालिन निपिको के इस ओवर में विसर ने छह गेंदों पर छह छक्के लगाए। इससे बल्लेबाज के खाते में 36 रन आए। लेकिन निपिको ने इसी ओवर में तीन नो-बॉल भी फेंकीं। इनसे तीन अतिरिक्त रन मिले और ओवर का कुल स्कोर 39 रन हो गया।
इस तरह निपिको ने T20 इंटरनेशनल में एक ओवर में सबसे ज्यादा रन देने का अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
36 रन का पुराना रिकॉर्ड भी टूटा
निपिको के 39 रन वाले ओवर ने T20 इंटरनेशनल में एक ओवर में 36 रन देने के पुराने संयुक्त रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड और श्रीलंका के अकिला धनंजया एक ओवर में 36-36 रन दे चुके थे।
एक और रिकार्ड किया था अपने नाम
विसर की पारी की खास बात सिर्फ छह छक्के नहीं थे। उन्होंने समोआ के कुल 174 रन में अकेले 132 रन बनाए। यानी टीम के कुल स्कोर का 75.8 फीसदी रन सिर्फ विसर के बल्ले से आया। ये किसी पूरे T20 इंटरनेशनल मैच में एक बल्लेबाज द्वारा टीम के कुल स्कोर में सबसे बड़ी हिस्सेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना।
ये मुकाबला आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक सब-रीजनल क्वालिफायर ए के दौरान समोआ के एपिया स्थित गार्डन ओवल में खेला गया था। समोआ ने ये मुकाबला 10 रन से जीता। एक ओवर में छह छक्के तो कई बल्लेबाजों ने लगाए, लेकिन छह छक्कों के साथ 39 रन वाला ये कारनामा डेरियस विसर को T20 इंटरनेशनल इतिहास में अलग पहचान दे गया।
