श्रीनगर, (वार्ता) भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को लद्दाख पहुंचे।
गौरतलब है कि 2019 में लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक की यह पहली लद्दाख यात्रा है।
श्रीनगर का दौरा करने के एक दिन बाद लेह पहुंचे श्री गोर ने अपनी लद्दाख यात्रा की शुरुआत निजी तौर पर घूमने-फिरने से की। उनके दौरे का पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान राजदूत कई बैठकें कर सकते हैं। हालांकि लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ उनकी कोई बैठक तय नहीं है।
चीन और पाकिस्तान दोनों की सीमाओं से लगे संवेदनशील सीमावर्ती इलाके के तौर पर लद्दाख की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए श्री गोर की यह यात्रा हो रही है। यह केंद्र शासित प्रदेश भारत की सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में रहा है, खासकर पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ सैन्य गतिरोध के बाद से।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राजदूत की लद्दाख यात्रा श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उनकी मुलाकात के बाद हो रही है। कश्मीर यात्रा के दौरान श्री गोर ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का अहम हिस्सा’ बताया है, जिस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
श्री गोर की लद्दाख यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब रक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंध बढ़ रहे हैं, जिससे रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती इलाके में अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी और भी अहम हो जाती है।
