नयी दिल्ली 20 अगस्त (वार्ता) मुंबई उपनगरीय रेलवे के लिए आईसीएफ से 120, आरसीएफ से 71 रेक और एमसीएफ से 47 रेक बनाए जाएंगे, इस तरह से कुल संख्या 238 रेक हो जाएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि मुंबई उपनगरीय रेलवे के लिए 238 वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) का समय पर निर्माण करने के लिए तीन कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जिनमें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), पंजाब में कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) कपूरथला और उत्तर प्रदेश में रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ ) शामिल है।
उन्होंने बताया कि यह कदम मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एमयूटीपी) के तहत अवसंरचना निर्माण के साथ-साथ रोलिंग स्टॉक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों के पास आधुनिक यात्री रोलिंग स्टॉक बनाने की साबित क्षमता है, जिसमें वातानुकूलित ईएमयू, वंदे भारत ट्रेन और वंदे मेट्रो ट्रेन शामिल हैं।
रेलवे बोर्ड ने मौजूदा और साबित अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) /सवारी डिब्बा कारखाना (आईसीएफ) विनिर्देशों के आधार पर मंज़ूर किए गये एसी ईएमयू रेक की खरीद को मंज़ूरी दे दी है, जिससे रोलिंग स्टॉक का तेज़ी से निर्माण और आपूर्ति हो सकेगी।
रेलवे के अनुसार मुंबई उपनगरीय रेलवे को इन ट्रेनों की आपूर्ति 2027 से शुरू करने की योजना है और मंज़ूर की गयी पूरी संख्या 2030 तक पूरी हो जाएगी।
