
दमोह। राष्ट्र सेविका समिति महाकौशल प्रान्त का 15 से 20 अगस्त 2026 तक पांचदिवसीय घोष वर्ग दमोह में आयोजित हुआ। घोष वर्ग के समापन समारोह में 49 सेविकाओं ने घोष प्रदर्शन किया।
वर्ग में सेविकाओं ने 15 रचनाओं जैसे – मीरा, पहाड़ी, सुषिर ,भूप , तिलंग, शिव-वंदना , टिक टिक प्रयोग,कल्याण,श्रीपाद ,शिवरंजनी ,मनुस्तुति ,श्रीराम, शिवराज, जननी, जन्मभूमि का अभ्यास किया। सेविकाओं द्वारा प्रदर्शित घोष प्रदर्शन को देखने के लिए दमोह नगर से बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। इनमें गणमान्य बन्धु,माता-भगिनी भी अपने परिवारों के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सद्भावना का संदेश देने वाला था।घोष प्रदर्शन कार्यक्रम के समापन पश्चात भारत माता की आरती किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये नागरिकों ने भी दीप दान किया।
सैकड़ों दीप जब एक साथ प्रज्ज्वलित हुए, तो ऐसा लगा जैसे पूरा शहर भारत माता की आरती कर रहा हो।भारत माता के जयघोष के साथ भारत माता की जय और वंदे मातरम् के स्वरों ने वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
शास्त्रों में कहा गया है – “तमसो मा ज्योतिर्गमय” एक दीप अंधकार को ही नहीं, हमारे भीतर के भय और निराशा को भी दूर करता है। जब यह दीप देश के नाम जलता है, तो यह संकल्प बन जाता है।
जय हिंद, जय भारत!
भारत माता की जय!
