शिवपुरी:शिवपुरी मेडिकल कॉलेज मे पदस्थ 2 जूनियर डॉक्टरो पर ड्यूटी के समय पवजी खेलने का आरेाप लगा था। मामला एक मरीज के मौत से जुडा है, मृतक के बेटे ने अपने पिता की मौत हो जाने के बाद एक वीडियो सोशल पर वायरल कर दिया था कि मेरे पिता के इलाज मे लापरवाही बरती गई, ड्यूटी टाइम में डॉक्टर पवजी खेल रहे थे और डॉक्टरो ने बिना चैकअप कर मेरे पिता को ग्वालियर रैफर कर दिया और रास्ते मे उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे का वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद **दो जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि मरीज को समय पर नहीं देखने और बिना हस्ताक्षर रेफर किए जाने के मामले में दो चिकित्सकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज और रेफरल प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार खनियाधाना तहसील के आहार बानपुर गांव निवासी अरुण प्रजापति ने एक वीडियो वायरल कर अपने पिता हरिराम प्रजापति की मौत को लेकर मेडिकल कॉलेज में उपचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। अरुण के अनुसार 14 अगस्त की दोपहर अचानक उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई थी। उनके पैरों में दर्द था और उनका मुंह भी नहीं खुल पा रहा था। हालत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल पहुंचने के बाद उनके पिता को ठीक से देखने और उपचार देने के बजाय उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने तक सामान्य थे, बेटे का दावा
वायरल वीडियो में अरुण ने दावा किया था कि जब वे अपने पिता को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, तब उनकी स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी। उन्होंने एंबुलेंस और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की कथित लापरवाही को पिता की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की जांच की मांग की थी।
