अमेरिका से लेकर जापान और भारत तक में वोटर पहचान की अलग-अलग प्रणालियां हैं, जो चुनावी शुचिता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं

नई दिल्ली,  अमेरिका में मतदाताओं की पहचान के नियम राज्य-दर-राज्य भिन्न होते हैं, जहां फोटो आईडी, बिना फोटो वाले दस्तावेज या हस्ताक्षर मिलान का उपयोग किया जाता है। वैश्विक स्तर पर, ब्रिटेन, चीन, जापान और मैक्सिको जैसे विभिन्न देश अपनी स्थानीय व्यवस्था और डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाताओं की पहचान सत्यापित करते हैं।

भारत में वोटर आईडी कार्ड का इतिहास

भारत में मतदान पहचान पत्र प्रणाली की शुरुआत पहले आम चुनाव के दौरान हुई थी। हालांकि, शुरुआती दौर के कार्डों में फोटो नहीं होती थी, लेकिन 1993 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टी. एन. शेषन के कार्यकाल के दौरान वोटर आईडी में फोटो लगाना अनिवार्य कर दिया गया।

आधिकारिक जानकारी और संसाधन

चुनावी प्रक्रियाओं, मतदाता पंजीकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से जुड़ी विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के लिए Election Commission of India की वेबसाइट देखी जा सकती है। इसके अलावा, अमेरिका की चुनावी व्यवस्था के बारे में जानने के लिए USA.gov पर विजिट किया जा सकता है।

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