इंदौर: मंगलवार को हुई पुलिस की जनसुनवाई में इस बार भी घरेलू विवाद से लेकर आर्थिक और संपत्ति संबंधी मामले आए. 107 आवेदनों में किसी ने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर लोन लिए जाने की शिकायत की तो किसी ने मकान-दुकान पर कब्जे की. पैसों के लेन-देन, जमीन की धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और महिला अपराध से जुड़े मामले भी पहुंचे.
कमिश्नर कार्यालय में हुई जनसुनवाई में सबसे ज्यादा शिकायतें आपसी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं. इसके अलावा पड़ोसियों के विवाद, प्लॉट-मकान और जमीन को लेकर विवाद तथा फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों में भी लोग पुलिस से मदद मांगने पहुंचे. कुछ आवेदकों ने पुलिस स्तर पर पहले शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं होने की बात भी अधिकारियों के सामने रखी. शिकायतें सुनते समय पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से सीधे फोन पर बात कर कई मामलों की स्थिति जानी. अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और आवेदकों को जल्द राहत देने के निर्देश दिए. जिन मामलों में तत्काल पुलिस हस्तक्षेप जरूरी था, उनमें मौके से ही कार्रवाई शुरू कराई गई.
पारिवारिक विवादों के काउंसलिंग के जरिये निराकरण की कोशिश
पारिवारिक विवादों में पुलिस का जोर सीधे कार्रवाई के बजाय पहले समझाइश और मध्यस्थता पर भी है. ऐसे मामलों में मध्यस्थता केंद्रों के जरिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर विवाद खत्म कराने की कोशिश की जा रही है, ताकि छोटे विवाद आगे चलकर आपराधिक मामलों में न बदलें. जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. जनसुनवाई के अंत में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने चर्चा में बताया कि संबंधित अधिकारियों को मामले की प्रकृति के अनुसार तत्काल कार्रवाई और शिकायत का उचित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. हमारा प्रयास है कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े.
