इंदौर: शहर में बड़ा गणपति से किशनपुरा तक बनी स्मार्ट सिटी की सड़क निर्माण में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है. पानी की लाइन जांचने के लिए ही गौराकुंड चौराहे पर सीमेंटीकरण नहीं किया गया है.उक्त बात स्मार्ट सिटी सीईओ ने आज कही. गौराकुंड चौराहे पर पानी की नई लाइन की टेस्टिंग का काम चल रहा था. टेस्टिंग के दौरान पानी के दबाव से सड़क के नीचे से अचानक पानी निकलने लगा. उक्त सड़क स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बनाई गई थी.
इस पूरी सड़क के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी. पानी की नई लाइन की टेस्टिंग के दौरान जैसे ही पानी का दबाव बढ़ा, सड़क के निचले हिस्से की मिट्टी कट गई. उक्त मामले में स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन ने कहा कि गौराकुंड चौराहे के एक हिस्से का निर्माण इसलिए ही पूरा नहीं किया गया था कि वहां पर पानी की लाइन की जांच होना बाकी है. सीईओ जैन ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है. किसी तरह भी सड़क को नुकसान नहीं हुआ है. पानी लाइन की टेस्टिंग के दौरान लीकेज से मिट्टी बही, लेकिन सड़क को नुकसान नहीं हुआ है.
