शहर में डेंगू की घातक इंट्री, उपचाररत वृद्धा की मौत

सतना : जिला मलेरिया अधिकारी की गंभीर लापरवाह कार्यशैली के चलते उनके विरुद्ध मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के चंद रोज बाद ही शहर में डेंगू की घातक इंट्री सामने आ गई. डेंगू पॉजिटिव पाई गई महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई. इस घटना के सामने आते ही जिम्मेदार अमले के बीच हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में प्रभावित परिजनों के एलाइजा टेस्ट कराए जाने लगे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के जीवन ज्योति कालोनी की निवासी 60 वर्षीय महिला राजदुलारी पति राजाराम को कुछ दिनों पहले बुखार की शिकायत हुई थी. जिसके चलते परिजनों द्वारा उन्हें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सतना के सहायक प्राध्यापक और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मनोज प्रजापति को दिखाया गया था. महिला को बुखार से पीडि़त देख चिकित्सक द्वारा रक्त की जांच कराने की सलाह परिजनों को दी गई थी. रक्त की जांच रिपोर्ट में महिला को डेंगू पॉजिटिव बताया गया था. हलांकि महिला को दवाएं दी जा रही थीं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी हालत में विशेष सुधार नजर नहीं आया. जिसके चलते उन्हें 16 अगस्त को शहर के निजी अस्पताल प्रेम नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया.

लेकिन उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए वहां के चिकित्सक द्वारा अगले ही दिन जबलपुर के लिए रेफर कर दिया गया. जिसे देखते हुए परिजन एंबुलेंस की व्यवस्था करते हुए महिला को लेकर जबलपुर के लिए निकल गए. लेकिन सिहोरा पहुंचते-पहुंचते महिला की तबियत खासी बिगड़ गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. यह जानकारी सामने आते ही जिले के मलेरिया विभाग में हडक़ंप मच गया. जिसके चलते आनन-फानन में मृत महिला के परिजनों के रक्त की जांच कराई जाने लगी. वहीं महिला की मौत और परिवार के कुछ सदस्यों के बुखार से पीडि़त होने की जानकारी सामने आते ही आस पास के लोग चिंतित दिखाई दिए. इसी कड़ी में नगरवासियों के बीच भी डेंगू को लेकर थोड़ी घबराहट नजर आने लगी. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार की शाम नगर निगम के स्वास्थ्य अमले द्वारा वार्ड क्र. 24 के कबाड़ी टोला, सोनी मोहल्ला, जीवन ज्योति कालोनी और लोधी बस्ती में फॉगिंग मशीन से दवा का छिडक़ाव किया गया.
आज आएगी रिपोर्ट
बताया गया कि मृतका के परिवार में उनकी 2 बहुओं कविता 36 और बेबी 26 सहित नातिन अंकिता 17 भी बुखार से पीडि़त थीं. लेकिन उनकी रक्त जांच रिपोर्ट में डेंगू नहीं मिलना गया. लेकिन मचे हडक़ंप के मद्देनजर जिला मलेरिया कार्यालय का अमला मंगलवार की शाम एक बार फिर मृतका के घर पहुंच गया. जहां पर मृतका के पति, बेटे, बहू और नाती-पोते समेत डेढ़ दर्जन सदस्यों के रक्त के नमूने लिए गए. इन सभी नमनों की जांच देर रात जिला चिकित्सालय में उपलब्ध एलाइजा रीडर/माइक्रोप्लेट रीडर मशीन के जरिए आरंभ कर दी गई. जिसकी रिपोर्ट गुरुवार की सुबह तक मिलने की संभावना जताई गई.
कार्यशैली पर गंभीर सवाल
चंद रोज पहले ही मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला द्वारा जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शीला सोनकर की बेहद लापरवाह कार्यशैली को देखते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया था. जिसमें सार्थक एप पर न्यून उपस्थिति, कार्यालय के बजाए दूरस्थ स्थान से उपस्थिति दर्ज करना, चेक आऊट की शून्य उपस्थिति, दूसरे जिले से आना-जाना, राष्ट्रीय वेक्टर जनित कार्यक्रम नियंत्रण की गतिविधियों से दूरी और खराब प्रदर्शन के चलते वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उच्च अधिकारियों द्वारा जताई जा चुकी नाराजगी सहित कई अन्य अनियमितताओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया था

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