इंदौर: शहर के कई वार्डों में बारिश के मौसम में दूषित और गंदे पानी की सप्लाई एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे रहवासी बीमारियों के खतरे के बीच जीने को मजबूर हैं. पूर्व में भागीरथपुरा जैसी बड़ी घटनाओं के बावजूद, नगर निगम के पाइपलाइन लीकेज और जल शुद्धिकरण के दावों की पोल खुल रही है.दूषित पानी की समस्या से वार्ड क्रमांक 61 के रावजी बाजार क्षेत्र स्थित राधा गोविंद का बगीचा के रहवासी भी जूझ रहे हैं. यहां पिछले कई दिनों से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है. मई-जून में जब नव भारत ने क्षेत्र का जायजा लिया गया था, तब यहां भारी जल संकट था.
लेकिन बारिश के बाद यहां पानी की उपलब्धता में कुछ राहत मिली है, लेकिन अब दूषित पानी ने नई परेशानी खड़ी कर दी है. क्षेत्र में नर्मदा लाइन से इतना गंदा पानी आ रहा है कि उसे पीने के साथ घरेलू उपयोग में भी नहीं लिया जा सकता. मजबूरी में लोग क्षेत्र के पीछे स्थित पुरानी बावड़ी से पानी भरकर ला रहे हैं या आसपास के क्षेत्रों से पानी का इंतजाम कर रहे हैं. रहवासियों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद निगम कर्मचारी कांच की बोतलों में पानी के सैंपल भी ले गए, लेकिन समस्या जस की तस है. जब से बरसात शुरू हुई है, दूषित पानी की समस्या बढ़ गई है.
रहवासियों का कहना है
नर्मदा लाइन के नलों से काला और तेज बदबूदार गंदा पानी आता है, जिसे पीना तो छोड़िये, उपयोग में भी नहीं ला सकते. सीवरेज लाइन के लीकेज और क्षतिग्रस्त नर्मदा लाइन की जांच कर सुधार किया जाना चाहिए.
– मनु गौड़
हर दिन दूसरे क्षेत्र से पीने का पानी लाते हैं, घरेलु उपयोग के लिए बावड़ी से पानी भरकत लाते हैं. बहुत समय से नल से पानी पूरी तरह से गंदा आ रहा है.
– निर्मला भारद्वाज
गर्मी में पानी की किल्लत और अब बरसात में गंदे पानी के कारण फिर से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही.
– पूनम पाठक
पाइप लाइन चैक कर लीकेज ठीक किए जा रहे हैं
नर्मदा एवं सीवरेज लाइन की क्रॉसिंग के पॉइंट चेक करवाए हैं, क्षेत्र में जहां भी शिकायत आ रही है, वहां की लाइन चेक करवा रहे हैं. कुछ जगह और लीकेज मिला है, उसे भी ठीक किया जा रहा है.
– भावना चौधरी, पार्षद
