भोजशाला परिसर से सटकर नमाज की व्यवस्था न करने की मांग राजपूत समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

धार. भोजशाला परिसर में धार्मिक गतिविधियों के दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग को लेकर राजपूत समाज, धार द्वारा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, धार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि भोजशाला परिसर से सटकर नमाज की व्यवस्था न की जाए तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए दोनों समुदायों के लिए पृथक आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि धार नगर में राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला को हिंदू समाज माँ सरस्वती के मंदिर के रूप में श्रद्धा एवं आस्था का केंद्र मानता है। समाज द्वारा यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना एवं धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं। ज्ञापन में भोजशाला से संबंधित न्यायिक प्रकरण तथा विभिन्न न्यायालयों में चल रही कार्यवाही का उल्लेख करते हुए प्रशासन से ऐसी व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है, जिससे किसी भी समुदाय की धार्मिक गतिविधि में व्यवधान उत्पन्न न हो। राजपूत समाज ने ज्ञापन में कहा कि एक ही समय पर भोजशाला के समीप दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां होने से आवागमन, पार्किंग तथा सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में दोनों पक्षों के लोगों का आमना-सामना होने से अनावश्यक विवाद की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए प्रशासन द्वारा पूर्व से ही ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए,

 

जिससे शहर की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

ज्ञापन में विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश में दोनों समुदायों के आवागमन के मार्ग अलग रखने संबंधी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। समाज का कहना है कि वर्तमान में भोजशाला की ओर जाने वाले मार्ग का उपयोग नमाज स्थल तक पहुंचने के लिए किए जाने से व्यवस्थाओं को लेकर भ्रम एवं असुविधा की स्थिति बन सकती है। इसलिए प्रशासन को पृथक मार्ग एवं पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

राजपूत समाज ने प्रशासन से मांग की कि मुस्लिम समाज के लिए नमाज की व्यवस्था भोजशाला परिसर से सटकर न करते हुए परिसर से बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर की जाए, जहां दोनों समुदायों की धार्मिक गतिविधियां एक-दूसरे से प्रभावित न हों। साथ ही दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग आवागमन मार्ग, पर्याप्त पुलिस व्यवस्था तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

ज्ञापन में कहा गया कि समाज किसी भी प्रकार के विवाद अथवा तनाव के पक्ष में नहीं है। धार शहर की सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन द्वारा समय रहते उचित व्यवस्था किए जाने से किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को टाला जा सकता है। राजपूत समाज ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि हिंदू समाज की निर्विघ्न पूजा-अर्चना एवं अन्य धार्मिक गतिविधियां जारी रहें तथा साथ ही प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप दूसरी धार्मिक गतिविधियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे, जिससे किसी भी पक्ष की धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित न हो और धार शहर की शांति एवं सौहार्द कायम रहे।

 

 

ज्ञापन के माध्यम से राजपूत समाज, धार ने जिला प्रशासन से तत्काल उचित कार्रवाई एवं स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित करने की मांग की। उक्त ज्ञापन में राजपूत समाज के अध्यक्ष मोहन सिंह परिहार, राजेन्द्र सिंह चौहान, विजय सिंह राठौर, अर्जुन सिंह सिसोदिया, जसवीर सिंह भाटी, भूपेंद्र सिंह राजावत, पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, दिनेश ठाकुर, संदीप ठाकुर, घनश्याम सिंह सिसोदिया, अशोक सिंह सोलंकी, लोकेन्द्र सिंह पंवार, धरम सिंह सिसोदिया आदि उपस्थित थे ज्ञापन का वाचन महेंद्र सिंह ठाकुर ने किया

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