
भोपाल। नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ रोशनपुरा में चक्काजाम कर विरोध जताया.
नगर निगम की कार्रवाई… और सड़क पर व्यापारियों का विरोध! व्यापारी बोले—दुकानें बंद हुईं तो कर्मचारियों का रोजगार भी जाएगा।”
रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई का व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
मंगलवार को बड़ी संख्या में व्यापारी रोशनपुरा चौराहे पर जुटे… नारेबाजी की और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
व्यापारी: “कई साल से ये कारोबार चल रहे हैं… यहां सिर्फ व्यापारी नहीं, बड़ी संख्या में कर्मचारी भी काम करते हैं। कार्रवाई हुई तो सीधे रोजगार पर असर पड़ेगा।”
व्यापारियों का कहना है कि दुकानें, ऑफिस, क्लीनिक और दूसरे संस्थान वर्षों से चल रहे हैं। ऐसे में अचानक सीलिंग की कार्रवाई से कारोबारियों के साथ कर्मचारियों और उनसे जुड़े दूसरे लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा।
नगर निगम ने रहवासी क्षेत्रों में चल रहे 750 से ज्यादा व्यावसायिक संस्थानों को गतिविधियां बंद करने के लिए अंतिम समय देने की तैयारी की है। इन संस्थानों को करीब तीन दिन का समय दिया जाएगा। इनमें अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थान भी शामिल हैं। नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता के अनुसार, इन संस्थानों को अंतिम सूचना पत्र जारी किए जा रहे हैं। अगर तय समय के अंदर व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो नगर निगम की ओर से सीलिंग और अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में संस्थानों को एक साथ बंद करना व्यावहारिक नहीं है।
नगर निगम की कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा है। अब तक कुल 6,589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। रविवार तक नगर निगम ने 5,778 नोटिस जारी किए थे। इसके बाद सोमवार को 811 और नोटिस जारी किए गए। इस तरह कुल नोटिस की संख्या 6,589 पहुंच गई है। इनमें से करीब 750 मामलों में अगले तीन दिनों के अंदर अंतिम अवधि पूरी होने वाली है। वहीं अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर के 429 संस्थान भी कार्रवाई की सूची में हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में भोपाल में नगर निगम और व्यापारियों के बीच विवाद और बढ़ सकता है।
