
इनमें भारतीय तटरक्षक बल की 16 और सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों की 389 वस्तुएं शामिल हैं। ये वस्तुएं रक्षा प्लेटफार्मों और प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला से संबंधित हैं। इन प्लेटफार्म में उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर, हल्का बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर, सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान , हल्का लड़ाकू विमान और एएल-31एफपी इंजन जैसे एयर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसके अलावा ये उत्पाद टी-72, टी-90 और बीएमपी-II सहित बख्तरबंद प्लेटफॉर्म, युद्धपोत और सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणालियां, रडार, सोनार, अग्नि नियंत्रण प्रणाली और उपग्रह संचार प्रणाली सहित रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, उच्च विस्फोटक टैंक-रोधी गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों से भी जुड़े हैं।
इन वस्तुओं की विस्तृत सूची रक्षा मंत्रालय के सृजन पोर्टल पर भी उपलब्ध है। प्रत्येक वस्तु के स्वदेशीकरण के लिए एक सांकेतिक समय सीमा दी गई है। स्वदेशीकरण सफल होने पर इन वस्तुओं की खरीद भारतीय रक्षा उद्योग से की जाएगी। यह छठी स्वदेशीकरण सूची आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण में आत्म-निर्भरता को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों में एक और कदम है।
इससे भारतीय उद्योग के लिए अवसरों का विस्तार होने, घरेलू रक्षा विनिर्माण प्रणाली को मजबूत करने, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में योगदान मिलने की उम्मीद है। रक्षा उत्पादन विभाग ने अगस्त 2020 में सृजन रक्षा पोर्टल शुरू किया था। इस समर्पित पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम और सेवा मुख्यालय स्वदेशी विकास और उत्पादन के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप सहित उद्योग को रक्षा सामग्री उपलब्ध कराते हैं।
शुरूआत के बाद से ही इस पोर्टल ने जून 2026 तक स्वदेशीकरण के लिए 33,000 से अधिक रक्षा सामग्री उपलब्ध कराने में सुविधा प्रदान की है। इनमें पहली पांच स्वदेशीकरण सूचियों के तहत अधिसूचित 5,012 वस्तुएं शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का स्वदेशीकरण सफलतापूर्वक किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 9,000 करोड़ रुपये का आयात कम होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, रक्षा उपक्रमों ने इस वर्ष मार्च तक घरेलू विक्रेताओं को लगभग 10,000 करोड़ रुपये के खरीद आदेश दिए हैं, जिनमें स्वदेशी उत्पादन भी शामिल है।
