सिंगरौली: आरना केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान श्रीमती नजमा की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में देरी करने और समय रहते दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नजमा को 10 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और डॉ. अवतार सिंह मेहरा की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था।
परिजनों के मुताबिक भर्ती के बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन करीब तीन दिन बाद दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करने का निर्णय लिया गया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया जाता तो संभवत: मरीज की जान बचाई जा सकती थी।वहीं, डॉ. अवतार सिंह मेहरा ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज का उपचार निर्धारित चिकित्सकीय मापदंडों और मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया। अस्पताल के अनुसार मरीज की स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार दिया गया और रेफर करने का निर्णय भी चिकित्सकीय परिस्थितियों के आधार पर लिया गया।
मामले में अस्पताल में इससे पहले भी कुछ अन्य मरीजों की हालत बिगड़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और रेफरल व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
